सम्पूर्ण_विश्व_में_कबीर_ज्ञान_फैलने_की_प्रक्रिया :- " वाल्मीक तुलसी से कह गये, ऐसा कलियुग आयेगा, ब्राह्मण होके वेद ना जानै, मिथ्या जन्म गवायेगा ! बेटा होके मात-पिता ना चीन्हें, त्रिया से नेह लगायेगा, और त्रिया होके पति ना चीन्हें, आन पुरुष मन भायेगा !!" "जब-जब बढ़े असुर और अभिमानी तब-तब धरू मनुष का देहा और हरू सकल देश की पीरा। ' पहले बोधू कोली चमारा पीछे जाए राजदरबारा फिर बोधू पंडित काजी फिर जाए सकल संसारा'। कलियुग मध्य सतयुग ल्याऊँ, तातै सत्य कबीर कहाऊँ।' परमेश्वर ने कबीर सागर में वर्णन कर रखा है कि यह तत्वज्ञान पूरे विश्व में किस प्रकार फैलेगा.. परमेश्वर ने बताया है कि.. (पहले बोधू कोली चमारा).. परमात्मा सबसे पहले अपना ज्ञान देकर कोली चमारा अर्थात् मध्यम वर्ग के लोगों को अपनी शरण में लेंगे जैसे आज मालिक की शरण में हम सब मध्यम वर्ग(middle class) के निर्धन लोग है। कोई भी higher class का भगत नहीं है सब मध्यम वर्ग के भगत है जी। (पीछे जाए राजदरबारा).. फिर परमात्मा राजदरबारा का नम्बर लेंगे अर्थात् राजनेता जज अफसर मीडिया इस चांडाल चौकड़ी को...